रामचरितमानस के कतिपय रोचक व रहस्य्मय प्रसंग
प्राक्कथन
भगवान् राम का चरित्र इतना विशाल , इतना गंभीर आदर्शमय और मर्यादित है कि कोई भी साहित्यकार अपनी पुस्तक में भगवान् राम के विषय में वृहद् जानकारी नहीं देपाये। इसलिए जिस भक्त ने जिस ग्रन्थ को पढ़ा उसे ही पूर्ण समझ लिया। दक्षिण के कितने ही साहित्यकार हुए जिन्होंने भगवान् राम के विषय में कितना कुछ लिखा है सभी क्षेत्रों में कितने ही साहित्यकार हुए हैं जिनको जो चरित्र मनभाया उसीको अपनी लेखनी का आधार बनालिया। लेकिन इसका अर्थ ये कदापि नहीं कि भगवान् का चरित्र पूर्ण होगया।भगवान के वृहद् चरित्र के विषय में जिसने भी जो भी कहा है उस पर संदेह करना या प्रश्न चिह्न लगाना मुझे उचित नहीं लगता। भगवान से जुड़े कतिपय कुछ प्रसंगों को मैने चुन कर उन्हें अपनी लेखनी का आधार बनाया है,जो आगे वर्णित हैं -
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